” Mujhe Shayar Hona Pasand Aaya (Hindi Edition) (Poetry Book1) “

कुछ अल्फ़ाज़ कलम के,
कुछ अल्फ़ाज़ दिल की जुबां के,
मैं ठहरा जरिया सा,
अल्फ़ाज़ों का मजमूआ बनाने का,
ज़रा सी कोशिश थी ये मेरी,
तामीर ऐ खास के वास्ते लाज़मी,
आपकी हिस्सेदारी !

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Mujhe Shayar Hona Pasand Aaya (Hindi Edition) (Poetry Book1)

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” गुज़र गई “

मैं ढूंढ रहा था,
तुझे मेरे अंदर ही कहीं,
पर वक़्त संग तू गुज़र गईं !

©shabdsiyapaaa

“Ab mat poochnaa kaun ho tum”

Dil ki kitaab Mein likhe kuch alfaaz,

Aur un alfaazon ki dhadkan ho tum,

Ab mat poochna kaun ho tum…?

दिल की किताब में लिखे कुछ अल्फ़ाज,
औऱ उन अल्फ़ाज़ों की धड़कन तुम हो,
अब मत पूछना कौन हो तुम…?

Shabdsiyapaaa©

“भरोसा खुद पर करों”

किस्मत को कोसते कोसते उम्र खत्म हो ही जाती है,
पर इरादों के सामने अक्सर किस्मत भी झुक जाया करती है…।

यूँ दुसरो के सहारे ज़िन्दगी कट ही जाती है,
अगर भरोसा खुद पर हो तो ज़िन्दगी हसीन बन जाती है…।

सोच में इतना डूबकर हम सारे मोके गवा देते है,
अगर कुछ करने की चाह हो तो कई राहें खुल ही जाती है…।

कर खुद पर भरोसा लकीरो पर नही,
किस्मत तो उनकी भी बेहतरीन है जिनके हाथ नही…।

Shabdsiyapaaa©

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